# नमन मंच 🙏🙏🙏
#गूंज क़लम की
# दिनांक - 08/10/21
# दिन - मंगलवार
# विषय - माँ ब्रह्मचारिणी
# विधा - कविता
माँ ब्रह्मचारिणी कठिन तप किया,
तब ही शिव को पाया,
दाहिने हाथ में माला सजे,
शिव शिव जपत दिन रात,
बाहिने कर में कमंडल सजा,
अमृत वर्षा होये,
साधक को सुख शांति मिले,
तेरे स्वरूप का धरे ध्यान,
माँ तेरे जैसा कोई नहीं,
जिसकी करे हम आस ,
तेरी कृपा से होता माँ,
सब पापों का नाश,
भक्तों को सर्वसिद्धि मिले ,
माँ ब्रह्मचारिणी की कृपा हो ।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू, जम्मू कश्मीर
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