# नमन मंच 🙏🙏🙏
# समतावादी कलमकार साहित्य शोध संस्थान, भारत
# दिनांक - 23/04/2021
# दिन - शुक्रवार
# विषय - वरिष्ठ/ बुजुर्ग आशीष का खजाना
# विधा - स्वैच्छिक
बुजुर्ग घर की शान बढाते,
छोटे बड़े झगड़े को घर के अंदर ही निपटाते,
बुजुर्ग वटवृक्ष की छांव कहलाते,
उनके आशीर्वाद से दुख सब टल जाते,
बुजुर्ग होते हैं तीर्थ स्थल समान,
उनकी आशीष से मिलता है जग में मान,
बुजुर्गों की सेवा जो दिल से करता,
उसके कारज को स्वयं ईश्वर पूरा करता,
बुजुर्गों की हमेशा सेवा कमाये,
सुख दोनों जहान के उनकी आशीष से पाये।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू, जम्मू कश्मीर
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