नमन मंच 🙏🙏🙏🙏🙏🙏
#नव साहित्य परिवार
दिनांक- 24/04/2021
दिन - शनिवार
विषय - मानवता दिवस
विधा - स्वैच्छिक
सदियों से ऐसा होता आये,
मानवता की सेवा करने वाला,
सबके दुखड़े हरनेवाला,
दुष्ट राक्षस बुद्धिवाले लोगों के कारण ,
अपने प्राणों की कुर्बानी देता आया,
मानवता की सेवा को महापुरुषों ने,
जीवन का लक्ष्य बनाया,
दीन दुखियों की सहायता करने में ,
पूरा जीवन बिताया,
लोगों में भेदभाव खत्म करने के लिए,
सबको एक ईश्वर की संतान बताया,
रोगी बीमार लोगों के मुफ्त ईलाज के लिए ,
बहुत हस्पताल खुलवाए,
जीवन का पल पल संत जी ने सेवा में बिताया,
अपने प्राण भी मानवता की सेवा के लिए लुटाये ।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू, जम्मू कश्मीर
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