# विषय - एकता
अनेकता में एकता पहचान हमारी,
देश के शान लिए मर मिटना शान हमारी,
एक दूसरे से हम करते बहुत प्रेम,
चाहे हमारे धर्म, भाषाएँ अनेक,
दिवाली, ईद, क्रिसमस, गुरूपर्व हम मिलकर मानते,
एक दूसरे को गले लगाकर खुशी अपनी बढ़ाते,
देश की एकता और अखंडता से हमारी पहचान,
देश की उन्नति के लिए सब मिलकर करते काम,
एकता हमारी ताकत, एकता हमारी जान,
एकता को बनाए रखने के लिए कुर्बान करते अपने प्राण ।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
सांबा , जम्मू कश्मीर
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