फ़ॉलोअर

शुक्रवार, 23 अप्रैल 2021

कैद

 # नमन मंच 🙏🙏🙏

# कलमकार कुम्भ

# दिनांक - 23/04/2021

# दिन - शुक्रवार

# विषय - कैद

# विधा - स्वैच्छिक 

कोरोना ने बहुत रुलाया, 

सबको घर के अंदर कैद कराया, 

मृत्यु ने सबको डराया, 

कोरोना ने आतंक मचाया, 

कोरोना बेरोजगारी  अपने साथ लाया, 

भूखे मरने का भयानक समय आया, 

कैद रहकर क्या खायेंगे, 

भूखे पेट बिना कोरोना के ही मर जायेंगे, 

कैद ने अहसास कराया, 

मनुष्य को भी कैद  पक्षियों का दर्द समझ आया, 

कैद जीवन को लाचार बनाती, 

आजादी पर अंकुश लगाती, 

कैद में रहकर पक्षी कितना दुख पाता, 

कोरोना काल का समय हमें समझाता। 


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह 

जम्मू,  जम्मू कश्मीर




कोई टिप्पणी नहीं:

प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है

 शीर्षक: प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है सभी ग्रंथों का सार  सभी एक है परिवार  बना ले इसको जीवन का आ...