फ़ॉलोअर

गुरुवार, 29 अप्रैल 2021

ऑक्सीजन

 # नमन मंच 🙏🙏🙏

# कलमकार कुम्भ

# दिनांक - 05/05/2021

# दिन - बुधवार

# विषय - ऑक्सीजन/प्राणवायु

# विधा - गद्य - पद्य


ज्यादा से ज्यादा पेड़  लगाएं, 

जिंदगी में खुशहाली लाये, 

ऑक्सीजन की कमी दूर भगाये, 

पेड़ों को कटने से बचाये, 

पेड़ों से ही ऑक्सीजन मिलती, 

इसी से सबकी सांसें चलती, 

पेड़ ही हमारे जीवन को गति देते, 

तन मन में नव स्फूर्ति भरते, 

ऑक्सीजन ही जीवन देती , 

तन का रोम रोम जागृति करती । 



स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जम्मू  ,  जम्मू कश्मीर




कोई टिप्पणी नहीं:

प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है

 शीर्षक: प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है सभी ग्रंथों का सार  सभी एक है परिवार  बना ले इसको जीवन का आ...