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बुधवार, 28 अप्रैल 2021

कवि की कल्पना

 # नमन मंच 🙏🙏🙏

#हिंददेश परिवार बिहार इकाई

# दिनांक - 28/04/2021

# दिन - बुधवार

# विषय - कवि की कल्पना

# विधा - गद्य - पद्य

पर्वत से बातें करता , 

कल्पना से उनमें प्राण भरता, 

कवि की कल्पना तन मन के दुख हरती, 

सबको नया राह दिखलाती , 

जीवन पथ पर आगे बढ़ाती, 

नदियों की निर्मल धारा, 

विघ्न बाधाओं को करती पार, 

पहुँच जाती सागर के द्वार, 

नदी जीवन में आने वाली मुश्किलों से , 

लड़ने का संदेश देती, 

कवि की कल्पना नदी का सहारा लेती, 

जीवन विषम परिस्थितियों में जीने का उपदेश देती, 

कवि की कल्पना आसमां में घूमती , 

नीचे पृथ्वी की प्रदूषण से हुई दुर्दशा दिखाती, 

कवि की गई कल्पना जीवन के सत्य बताती, 

झूठ का पर्दा आंखों से हटाती


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जम्मू, जम्मू कश्मीर







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