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सोमवार, 5 अप्रैल 2021

मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम

# विषय- श्री राम

# विधा - स्वैच्छिक (भजन) 


सबसे प्यारे सबसे न्यारे , नाम जपूँ तेरा आठों याम 

हे राम हे राम .......... 

दशरथ के प्यारे, माँ कौशल्या के दुलारे

हे राम हे राम......... 

गुरु विश्वामित्र से शिक्षा पाई, ज्ञानवान हो गया चारों भाई

हे राम हे राम.......... 

ताड़का दुष्टा आप संहारी ,परम गति उसने पाई, 

हे राम हे राम........ 

शिवधनुष तोड़  स्वयंवर जीता, माता सीता से शादी रचाई

हे राम, हे राम....... 

पिता के वचन का मान बढाया,  वन जाकर घर है बसाया

हे राम, हे राम..... 

रावण को रण में हराया, दुष्ट को नर्क का द्वार दिखाया

हे राम हे राम ........ 

तेरी महिमा अपरंपार कैसे करूँ तेरे गुणों का बखान

हे राम हे राम............. 


स्वरचित एवं मौलिक 

अमरजीत सिंह

जम्मू, जम्मू कश्मीर




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