# नमन मंच🙏🙏🙏
# साहित्य बोध
# दिनांक- 23/04/2021
# दिन- शुक्रवार
#विषय- . जीवन शक्ति
#विधा - स्वैच्छिक
प्रभु कृपा से मनुष्य जन्म पाया,
मोह माया में चित लगाया,
सतलोक को भूल बिसराए ,
झूठे संसार से मोह बढ़ाया,
मै मेरी का रट लिया जाप,
आत्मा को लगता बहुत पाप,
मनुष्य जीवन के मूल को पहचाने,
प्रभु के हुक्म को हर पल मानें,
पेड़ ,पौधे , नदियाँ, पहाड़
यह सब हैं ईश्वर का अनमोल उपहार,
ईश्वर के उपहार रक्षा करना,
अपने फायदा के लिए,
इनका नुकसान न करना,
नहीं तो तुम्हें रोना पड़ना,
आध्यात्म की ओर कदम बढ़ाये,
अपने मन के समस्त विकार मिटाये,
सबको प्यार से गले लगाये,
मन के मनमुटाव मिटाये,
जीवन लक्ष्य की ओर धयान लगाये,
अपने जीवन को सफल बनाये
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू,जम्मू कश्मीर
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