# नमन मंच🙏🙏🙏
# साहित्य बोध उतर प्रदेश इकाई
# दिनांक- 22/04/2021
# दिन-वीरवार
#विषय- साहित्य चोरी
#विधा - स्वैच्छिक
अपनी मौलिकता कभी न गंवाये,
चुराकर लिखने से स्वयं को बचाये,
चुराकर लिखने से अज्ञान बढता,
ऐसा करने से कभी मान नहीं मिलता,
अपने सोच विचार से लिखा ही साहित्य कहलाता,
नकल से लिखा कभी मन को नहीं भाता,
साहित्य से समाज सेवा की जिम्मेदारी निभाये,
स्वरचित रचना से सच्चा सम्मान पाये ।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू, जम्मू कश्मीर
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