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मंगलवार, 6 अप्रैल 2021

कर्म

  नमन मंच 🙏🙏🙏

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# दिनांक -15/09/2021

# दिन - बुधवार

# विषय - कर्म 

विधा -  गद्य- पद्य

कर्म ही हमेशा भाग्य बदलता

जीवन को नई दिशा प्रदान करता

बिना कर्म के कोई काम नहीं बन पाता

कैसे कोई मंजिल को हासिल करता

कर्म ही हौसलों को उड़ान देता

जीवन को जीने का नया आयाम मिलता

शस्त्रों को सीखकर मनुष्य वीर कहलाता

बिना लड़े कैसे युद्ध को जीत पाता

एडीसन अगर कर्म न करता

सारा संसार अंधेरे में रहता

वैज्ञानिक भी बैठे रहते भाग्य भरोसे

सुख के सारे साधन न बनते

ज्ञानी न करते लिखने का कर्म

कैसे पढ़ पाते हम महान ग्रंथ

कर्म ही भाग्य निर्माता है

बिना कर्म के कोई महान नही बन पाता  ।


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जम्मू,  जम्मू कश्मीर 



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