# नमन मंच 🙏🙏🙏
# साहित्य संगम संस्थान
# दिनांक - 05/04/2021
# दिन - सोमवार
# विषय - प्यारी बहना
# विधा - कविता
सबसे प्यारी लगती है
मुझे से बहुत प्यारी करती
दिल की हर बात करती
ओ मेरी प्यारी बहना ओ मेरी प्यारी बहना
मुझे वो चांद लगती है
हर पल मेरे लिए दुआ करती
हर बोल में मिठास घोलती
ओ मेरी प्यारी बहना............
हर दिल में राज करती
अपने ससुराल हर काम करती
मुश्किलों में सबका साथ देती
ओ मेरी प्यारी बहना..........
हर कर्तव्य को निष्ठा से निभाती
परिवार की खुशी के लिए हर कष्ट सह जाती
अपने सुख सब पर लुटाती
ओ मेरी प्यारी बहना.........
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू, जम्मू कश्मीर
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