# नमन मंच 🙏🙏🙏
# समतावादी कलमकार साहित्य शोध संस्थान, भारत
# दिनांक - 17/04/2021
# दिन - रविवार
# विषय - समाज हमारा परिवार है
# विधा- स्वैच्छिक
समाज हमारा परिवार,
दुख दर्द बांटता, हमारा हर बार,
जब भी कोई मुश्किल आती,
हम सबको एक कर जाती,
भाई बहनों की तरह हम रहते,
एक दूसरे के लिए जीते मरते,
कोई भी समस्या हम मिल जुलकर सुलझाते,
सब एक दूसरे का हौंसला बढ़ाते,
प्रेम समर्पण की भावना से ,रिश्ता निभाते,
दिल खोलकर प्यार लुटाते,
नफ़रत करना हमें भाता नहीं,
हर किसी के लिए जान लुटाना आता।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू, जम्मू कश्मीर
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