# नमन मंच 🙏🙏
# दिनांक - 12 अक्तूबर, 2021
# दिन - मंगलवार
# विषय - कालरात्रि
# विधा - स्वैच्छिक
श्यामल स्वरूप
बिखरे बिखरे बाल,
क्षण में करती,
दुष्टों का संहार,
गले की माला,
विद्युत सी चमकती,
भक्तों के हमेशा ,
भय डर का,
नाश करती,
तेरे नाम स्मरण ,
मात्र से,
भूत, प्रेत, राक्षस,
भाग जाते,
तीन नेत्र वाली माँ,
त्रिनेत्रा कहलाती,
माँ गर्दव की,
करती सवारी,
तेरी लीला ,
बहुत प्यारी,
माँ तेरी अराधना,
रिद्धि सिद्धि का द्वार खोलती,
सबसे प्यार के बोल बोलती ।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू,जम्मू कश्मीर
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