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रविवार, 18 अप्रैल 2021

कालरात्रि

 # नमन मंच 🙏🙏

# दिनांक - 12 अक्तूबर, 2021

# दिन - मंगलवार

# विषय - कालरात्रि

# विधा - स्वैच्छिक

श्यामल स्वरूप

बिखरे बिखरे बाल, 

क्षण में करती, 

दुष्टों का संहार, 

गले की माला, 

विद्युत सी चमकती, 

भक्तों के हमेशा , 

भय डर का, 

नाश करती, 

तेरे नाम स्मरण , 

मात्र से, 

भूत, प्रेत, राक्षस, 

भाग जाते, 

तीन नेत्र वाली माँ, 

त्रिनेत्रा कहलाती, 

माँ गर्दव की, 

करती सवारी, 

तेरी लीला , 

बहुत प्यारी, 

माँ तेरी अराधना, 

रिद्धि सिद्धि का द्वार खोलती, 

सबसे प्यार के बोल बोलती । 


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जम्मू,जम्मू कश्मीर



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