# नमन मंच 🙏🙏🙏
# साहित्य संगम संस्थान जम्मू कश्मीर इकाई
# दिनांक - 12/04/2021
# दिन - सोमवार
# विषय - रोटी
# विधा - कविता
दिनभर मेहनत करने के बाद ,
मजदूर रोटी खा पाता,
बिना इसके चल नहीं पाता,
रोटी के कारण ,
दर दर भिखारी भटकता,
रोटी के करण ,
सभी के ताने सुनता,
घर से कोसों दूर रहता,
रोटी के कारण ही ,
अपना का वियोग सहता,
रोटी तरह तरह का काम कराती,
बिना उत्सव के नाच नचाती ।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू, जम्मू कश्मीर
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