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सोमवार, 12 अप्रैल 2021

पुत्रवधु

 # नमन मंच 🙏🙏🙏

# साहित्य बोध

# दिनांक - 12/04/2021

# दिन - सोमवार

# विषय - पुत्रवधु

# विधा - स्वैच्छिक

मायके को मुसकान से महकाती

ससुराल जाकर क्यों सहम जाती

पुत्रवधु घर की जिम्मेदारियों उठाती

अपने फर्ज को खूब निभाती

ससुराल जाकर पुत्रवधु बन जाती

सास ससुर की मन से सेवा  करती 

अपने लिए सिर्फ सम्मान चाहती

पति को परमेश्वर जानकर पूजा करती

उसके लिए जीते मरती । 


स्वरचित एवं मौलिक

 अमरजीत सिंह 

जम्मू,जम्मू कश्मीर



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