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# नव साहित्य परिवार
# दिनांक - 01/05/2021
# दिन - शनिवार
# विषय - 400 साला जन्मोत्सव: गुरु तेग बहादुर साहिब जी
# विधा - स्वैच्छिक
मीरी पीरी के मालिक से, गुरु हरगोबिन्द से तेगमल नाम पाया
मुगल के साथ जंग में खंड़ा बहुत चलाया,
तभी तो तेग बहादुर कहलाया,
माता नानकी से प्यार बहुत पाया,
धर्म के प्रति अपना फर्ज खूब निभाया,
जन्म के बाद गुरुपिता ने माथा आपका चूमा ,
यह सब देख सबको आश्चर्य हो आया,
गुरु जी को पुत्र में क्या नज़र आया,
गुरु जी ने गरज कर बोले,
शीश इसका हिंद की लाज बचायेगा,
मेरे यह पुत्र हिंद की चादर कहलायेगा ।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू, जम्मू कश्मीर
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