# नमन मंच 🙏🙏🙏
#हिंददेश परिवार दिल्ली इकाई
# दिनांक - 02/05/2021
# दिन - रविवार
# विषय - व्यापार
# विधा - गद्य - पद्य
अपने कर्मों को व्यापार न बनाएं ,
हर कर्म निष्काम कमाएं,
इंसानियत की सेवा हृदय से कमाएं,
सभी की दुआएँ झोली में डलवाएं ,
व्यापार तो स्वार्थी बनाता है,
हर कर्म अपने लाभ के लिए कमाता,
दीन दुखियों के हमेशा काम आएं,
अपने सत् व्यापार से जीवन सफल बनाएं।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू, जम्मू कश्मीर
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