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बुधवार, 10 मार्च 2021

हास्य कविता

  नमन मंच 🙏🙏🙏

#  साहित्य बोध मंच

# दिनांक - 10/03/2021

# दिन - बुधवार

# विषय - हास्य

# विधा - कविता 

गंजे को बोलो , 

कंघी खरीद लें, 

बालों की जटा न बन जाए । 

कुंवारा को बोलो , 

शादी मत करना

पत्नी की डांट सुननी पड़ेगी। 

कंजूस की कंजूसी देखों, 

मक्खी भी चूसकर खा गया। 


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह 

जम्मू कश्मीर, जम्मू



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