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बुधवार, 10 मार्च 2021

सपना

 # नमन मंच 🙏🙏🙏

# साहिति्यक महफ़िल

# दिनांक - 31/05/2021

# विषय - सपने/ ख्वाब

# विधा - कविता

मैं हर दम सपनों के हार परोता हूँ, 

नींद में भी कभी नहीं सोता हूँ । 

सपना मुझे सोने नहीं देता, 

आराम में आराम लेने नहीं देता। 

वो सपना ही क्या जो सोने दे? 

नींद आराम की लेने दें। 

सपना मुझे जगाता है 

मंजिल तक पहुँचने के ,नए राह दिखाता है। 

मंजिल तक पहुँचने की चाह , 

मुझे अथाह परिश्रम कराती है। 


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह 

जम्मू कश्मीर ,जम्मू





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