# नमन मंच 🙏🙏🙏
# हिंदी साहित्य संगम संस्थान
# दिनांक - ११/०३/२०२१
# दिन - बृहस्पतिवार
# विषय - महाशिवरात्रि
# विधा - छंदमुक्त कविता
सती माता का पुनर्जन्म हुआ,
पार्वती रखा गया शुभनाम ।
शिव पाने के लिए हुई अधीर,
झेली न जाए बिरहा की पीर।
रूप द्वारा शिव को रिझाने का किया यत्न,
सब असफल हुए सारे प्रयत्न।
गौरीकुंड में जाकर शिव की अराधना,
जल्दी ही पूर्ण हुई उनकी कामना।
फाल्गुन मास कृष्ण पक्ष की चुर्तदशी का दिन बहुत खास,
माता पार्वती के हृदय में भर गया आनंद उल्लास।
शिव शंकर की पहुँच गई बारात,
लेकर सभी को साथ।
माता पार्वती से जोड़ लिया नाता,
यश दोनों का सभी ने गाया।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू कश्मीर ,जम्मू
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें