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सोमवार, 22 मार्च 2021

भूख


# नमन मंच 🙏🙏🙏


# समतावादी कलमकार साहित्य शोध संस्थान, भारत


# दिनांक - 22/03/2021


# दिन - सोमवार


# विषय - भूख


# शीर्षक - 


# विधा - कविता


रोटी खाने की खातिर, हर कोई कमाता, 


बिना खाएं जी नहीं  पाता । 


भूख के मारे निकलती जान , 


कैसे बचा पाएंगे गरीब इंसान । 


मंहगाई की मार कर रही, 


हमारा जीवन दुश्वार। 


बच्चों को कैसे खाना खिलायेंगे, 


कैसे उन को बलवान बनायेंगे। 


गरीब भूखा भूखा ही मर जाता, 


अपने आंसू हमेशा छिपाता । 


भूख के मारे चल नहीं पाता, 

सारा जीवन परेशानी उठाता। 


गरीब इंसान कैसे भूख मिटाएंगे, 

कैसे चैन की नींद सो पाएगा। 


इसके लिए सब प्रयास करे, 

खाने पीने की चीजों का दान करें । 


हर कोई भरपेट खाना खाएगा, 

तभी देश खुशहाल बन पाएगा। 


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह 

जम्मू कश्मीर ,जम्मू



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