#नमन मंच 🙏🙏🙏
#कलम की ताकत साहित्यिक संस्थान भारत
दिनांक - 16/03/2025
दिन - रविवार
विषय - होली
# शीर्षक - ओ मेरे हमजोली, आ मिलकर खेले होली
# विधा - स्वैच्छिक
ओ मेरे हमजोली, आ मिलकर खेले होली
ओ मेरे हमजोली........
एक दूसरे को रंग लगाएंगे,
प्यार के गीत गाएंगे,
ओ मेरे हमजोली.....
हर कोई खुशी मनाएगा ,
प्रेम के रंग में रंग जाएगा,
ओ मेरे हमजोली......
जिंदगी रंगीन बनाएंगे,
हर पल नाचे गाएंगे,
ओ मेरे हमजोली.....
गिले शिकवे दिलों से हटाते जाएगें,
सबको अपना मीत बनाते जाएगें,
ओ मेरे हमजोली........
हर कोई हमारे साथ गाएंगे,
जिंदगी खुशी से बिताएंगा,
ओ मेरे हमजोली.........
फीकी सी जिंदगी रंगीन बनती जाएगी,
प्यार के रंग से सबको रंगती जाएगी.
ओ मेरे हमजोली...........
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू कश्मीर, जम्मू
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