# नमन मंच 🙏🙏
# दिनांक - 05/05/2021
# दिन - बुधवार
# विषय - love/प्यार
# विधा - कविता
दिल रहता बेचैन देखते तुम को हमेशा ढूंढते नयन
कहो न प्यार है
मुलाकात कब होगी दिल पूछता तुमसे
कहो न प्यार है
इशक़ मोहब्बत का कब करोगे इकरार कब मिलेगा मुझको तुम्हारा प्यार
कहो न प्यार है
तरसते नयनों की कब प्यास बुझाओगे कब मिलन की बेला लाओगे
कहो न प्यार है
प्यार तुम्हारा पाने के लिए हूँ अधीर कब मिलोगे मेरे पीर
कहो न प्यार है ।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू कश्मीर ,जम्मू
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