# नमन मंच 🙏🙏🙏
# हिंदी साहित्य संगम संस्थान
# दिनांक - 17/03/2021 से 18/03/2019
# दिन - बुधवार से गुरुवार
# विषय - मेहमान
# विधा - स्वैच्छिक - छंदमुक्त कविता
इंसान भी संसार में मेहमान
कहते सभी ग्रंथ महान है
कुछ समय की मोहलत लेकर आया
फिर भी संसार में उत्पात मचाया
संसार रूपी अतिथिशाला में प्यार फैलाता
नफरतों बैर भाव को मन से भुलाता
मेहमान वो ही सम्मान पाता है
जो अतिथिगृह को कर्मो द्वारा महकाता है
आना जाना उसी का ,सफल माना जाता
अतिथिशाला में प्यार के बीज बीजता ।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू कश्मीर ,जम्मू
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