फ़ॉलोअर

रविवार, 7 मार्च 2021

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस

# विषय - माँ तेरे बहुत परोपकार 

# विधा - छंदमुक्त कविता

माँ तेरे बहुत परोपकार, 

गिनती करने लगूँ, 

लग जाएंगे जन्म हज़ार  । 

अमृत रूपी दुध तुम्हारा, 

बनता प्रथम आहार, 

तेरे से ही सीखते अच्छे संस्कार। 

जीवन में पग- पग में देती सहारा, 

तेरा बिना मुझे कुछ लगता नहीं प्यारा । 

तेरी ममतामयी छाया का प्रताप, 

दुख जाते हैं क्षण में भाग । 

स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह जम्मू कश्मीर ,जम्मू

कोई टिप्पणी नहीं:

प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है

 शीर्षक: प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है सभी ग्रंथों का सार  सभी एक है परिवार  बना ले इसको जीवन का आ...