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गुरुवार, 4 मार्च 2021

बेरोजगारी

 # नमन मंच 🙏🙏🙏

# गूंज क़लम की साहित्यिक मंच कटिहार इकाई

# दिनांक - 08/11/2021

# दिन - सोमवार

# विषय -बेरोजगारी

# विधा - कविता


बेरोजगारी है समस्या भारी, 

रोती है दुनिया सारी । 


घरों में नित होती लड़ाई, 

कैसे बढ़ेगी घर की कमाई। 


दिल में रहती है हर दम चिंता, 

कहीं न कोई इसका हल है दिखता। 


बहुत कर ली पढ़ाई, 

अब तक नौकरी नहीं मिल पाई। 


जब से घर में नई दुल्हन आई, 

 कभी न उसे शहर की सैर कराई । 


बच्चे अब कैसे करेंगे अब पढ़ाई, 

बेरोजगारी ने मां बाप की चिंता बढ़ाई । 


कैसे भरेंगे हमारे  बच्चों के सपने उड़ान , 

इतनी महंगाई में बच्चे पढ़ाने नहीं आसान। 


बेरोजगारी ने सारी समस्या बनाई, 

कोई तो इसका हल बताओ मेरे भाई। 


स्वरचित एवं मौलिक 

अमरजीत सिंह

जिला  - सांबा , जम्मू कश्मीर












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