# नमन मंच 🙏🙏🙏
# गूंज क़लम की साहित्यिक मंच कटिहार इकाई
# दिनांक - 08/11/2021
# दिन - सोमवार
# विषय -बेरोजगारी
# विधा - कविता
बेरोजगारी है समस्या भारी,
रोती है दुनिया सारी ।
घरों में नित होती लड़ाई,
कैसे बढ़ेगी घर की कमाई।
दिल में रहती है हर दम चिंता,
कहीं न कोई इसका हल है दिखता।
बहुत कर ली पढ़ाई,
अब तक नौकरी नहीं मिल पाई।
जब से घर में नई दुल्हन आई,
कभी न उसे शहर की सैर कराई ।
बच्चे अब कैसे करेंगे अब पढ़ाई,
बेरोजगारी ने मां बाप की चिंता बढ़ाई ।
कैसे भरेंगे हमारे बच्चों के सपने उड़ान ,
इतनी महंगाई में बच्चे पढ़ाने नहीं आसान।
बेरोजगारी ने सारी समस्या बनाई,
कोई तो इसका हल बताओ मेरे भाई।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें