# नमन मंच 🙏🙏🙏
# साहित्य संगम संस्थान तेलंगाना इकाई
# साहित्य संगम संस्थान तेलंगाना इकाई
# दिनांक - १०/०३/२०२१
# दिन - बुधवार
# विषय - अराधना
शीर्षक - गुरु अर्जुन देव
# विधा - छंदमुक्त कविता
गुरु अर्जुन देव अमर बलिदानी
नित नित शीश झुकेगी दुनिया याद कर उनकी कुर्बानी
गुरु रामदास के हीरे
माता भानी के प्यारे
लगते सबको बहुत प्यारे
जात पात को दिया धिक्कार
संसार पर किया परोपकार
दीन दुखियों का बने सहारा
यश गाता जग सारा
रख दी हरिमन्दिर की नींव
वहाँ गाए जाते हैं प्रभु के गीत
संगत पंगत का दिया नारा
अज्ञानता का भ्रम मिटाया
जालिम हकुमत ने जुल्म बहुत कमाया था ,
सच्चे सतगुरू को गर्म लौह पर बिठाया था
गर्म गर्म रेता उनके सिर पर गिराया था,
वाहिगुरू वाहिगुरू वाहिगुरू जपते शहीदी पा गयेे
सच्चे धर्म का पौधा लगा गये ।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू कश्मीर ,जम्मू
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