# नमन मंच 🙏🙏🙏
# हिंदेश परिवार बिहार इकाई
# दिनांक - ०३/०३/२०२१
# वार - बुधवार
# विषय - जिंदगी
# विधा - छंदमुक्त कविता
जीना है तो हंस के जियो
जिंदगी के हर पल को खुशी से जियो
दुख सुख की करो न परवाह
हर पल बिताओ होकर बेपरवाह
दुख का करो किसी से जिक्र
जिंदगी गुजारों होकर बेफिक्र
किसी के आने का न करो इंतजार
वक्त की लायेगा खुशियों की बहार
जिंदगी है खुशियों की सौगात
हर पल जियो जिंदादिली के साथ
संसार सारा है मुसाफिरखाना
हर कोई अपना है बेगाना ।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू कश्मीर जम्मू
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