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बुधवार, 3 मार्च 2021

कलम

 नमन मंच 🙏🙏🙏

#हिंददेश परिवार उतर प्रदेश इकाई

दिनांक - 18/06/2021

दिन - शुक्रवार

विषय -कलम

विधा -  गद्य- पद्य


कलम मै तुमसे पूछ रहा हूँ

तुम्हारे धर्म को खोज रहा हूँ

तुम तो नहीं बन गई किसी की दास

क्यों लिखे जा रहे झूठे किस्से पचास

      

धर्म अधर्म का अंतर मिटता जाता

सच को झूठ, झूठ को सच बताया जाता

झूठ की भर ली स्याही

तभी तो चारों ओर तबाही आई


 सही बोल को लिखने वाली

सही तोल को तोलने वाली

क्यों हो गई बेइमान 

कैसे पूरे होगें जनता के अरमान 


   कलम तुमको सही दिशा में आना होगा

    अपना धर्म निभाना होगा  

     जनता की भावनाओं का करोगी सम्मान

     जग में मिलेगा तुमको बहुत मान


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जम्मू कश्मीर, जम्मू

    



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