# नमन मंच 🙏🙏🙏
# हिंदी साहित्य संगम संस्थान मध्यप्रदेश इकाई
# दिनांक - 14/03/2021
# दिन - रविवार
# विषय - स्कूल
# विधा -बाल कविता
स्कूल जाना मुझको भाता है,
हर एक ज्ञान वही से पाता हूँ ।
अध्यापक नया नया पाठ पढ़ाते है,
हर विषय का ज्ञान कराता है ।
नित्य अपना सबक सुनता हूँ,
तभी सभी अध्यापकों का प्यार पाता हूँ।
खेलकूद का जब पीरियड आता है,
मौज मस्ती आलम छाता।
अधयापक का मिलता है हमको साथ,
भूल जाते हैं अपना घरबार ।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू कश्मीर, जम्मू
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें