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सोमवार, 15 मार्च 2021

मेहनत

 # नमन मंच 🙏🙏🙏

# हिंदी साहित्य संगम संस्थान तेलंगाना इकाई

# दिनांक - 15/03/2021

# दिन - सोमवार

# विषय - मेहनत

# विधा - स्वैच्छिक छंदमुक्त कविता

मेहनत ही जीवन का आधार, 

इसके बिना कुछ नहीं मिलता। 

मजदूर जितनी मेहनत करता, 

उतना फल नहीं  पाता, 

फिर भी नींद सुकून की सोता 

पैसे के लिए कभी नही रोता। 

अमीर की मेहनत निराली, 

पैसों से तिजोरी भर डाली, 

चैन की नींद ना आती, 

होती कैसी हैरानी। 

बेईमानों का बोलबाला

मेहनत करने वालों का

निकाल रहे दिवाला 

मेहनत की जब करेंगे पहचान

बढ़ेगी तभी इनकी शान । 

स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह 

जम्मू कश्मीर जम्मू





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