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सोमवार, 1 मार्च 2021

नव चेतना

  # नमन मंच 🙏🙏🙏

# नव साहित्य परिवार

# दिनांक - 02/03/2021

# दिन मंगलवार

# विषय - नव चेतना

# विधा - कविता


नए विचारों की आई है आंधी

मन की गांठ खुली जो थी बांधी

विकास बाहें फैलाएं खड़ा

मानव विकास के रथ पर चढ़ा

मुश्किलों बाधाओं से लड़ गया

लक्ष्य अपना प्राप्त कर गया

शिक्षा मन में  चेतना भर गई 

अवचेतना अब न जाने कहाँ मर गई

संघर्षो से जूझने को रहता हमेशा तैयार

मुसीबतों मुश्किलों से करने लगा प्यार

जागृति विज्ञान से ऐसी आई

खुशहाली सब जगह नजर आई । 

स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह 

जम्मू कश्मीर, जम्मू










 


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