# नमन मंच 🙏🙏🙏
# हिंददेश परिवार उतर प्रदेश इकाई
# दिनांक - 03/06/2021
# दिन - गुरुवार
# विषय - बेटी
# विधा - स्वैच्छिक ( छंदमुक्त कविता)
बेटी है घर की शान
मत छीनो इनके प्राण
बुढ़ापे में मां बाप का बनती है सहारा
अधूरा इनके बिना संसार सारा
शिक्षा का इनको दो अधिकार
दुनिया पर करेगी बहुत परोपकार
नौकरी कर घर को मजबूत बनायेगी
परिवार का हमेशा मान बढायेगी
जन्म लेने का दो अधिकार
जाग जाएंगे सोये हुए भाग्य
बेटी बेटा को समान दो अधिकार
छोड़ दो दुनिया के झूठे मिथ्याचार ।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू कश्मीर जम्मू
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