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शनिवार, 6 मार्च 2021

ओस की बूंद

 नमन मंच 🙏🙏🙏🙏🙏

कलम बोलती हैं ✍ समूह

विषय: ओस की बूंदे

दिनांक: 06/03/2021

दिवस : शनिवार

विधा:  छंदमुक्त कविता 

नव जीवन का देती संदेश 

दिखती सुंदर श्रेष्ठ

मोती सी चमकती है 

सब पेड़ों पौधों में जीवन की आस है भरती

छोटी सी ओस की बूंद 

पेड़ पौधों की बनती है आस 

प्यास बुझाने का करती है प्रयास

हीरे सी दमकती

मोतिया सी  चमकती ओस। 


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह 

जम्मू कश्मीर, जम्मू






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