# नमन मंच 🙏🙏🙏
# हिंदी साहित्य संगम संस्थान
# दिनांक - 07/03/2021
# दिन - रविवार
# विषय -स्वैच्छिक (सच का राह)
# विधा - स्वैच्छिक ( छंदमुक्त कविता)
सच का राह है मुश्किल
हर कोई चल नहीं पाता
दिल की बात रहती दिल में
किसी से कह नहीं पाता
सब को अपना मैंने मीत बना लिया
जीवन की हर मुश्किल को सीख बना लिया
कांटों भरे राहों पर चलकर
हर कष्ट को अपना गीत बना लिया।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू कश्मीर ,जम्मू
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