# नमन मंच 🙏🙏🙏
# साहित्यिक महफ़िल
# दिनांक - 24/10/2021
# दिन - बृहस्पतिवार
# विषय - विश्वास/ भरोसा/ ऐतबार
# विधा - पद्म
मेरा विश्वास कभी न खोये,
चाहे मुसिबतें करोड़ों होये,
हर सकंट में थामना मेरा हाथ,
कभी न छोड़ना मेरा साथ,
कोई परिहास न मेरा करें,
तेरा नाम मैं हृदय परोई
मेरी आस तूं,
मेरा विश्वास तूं,
मेरे दिन और रात तूं,
मेरी जीवन कथा की सार तूं ,
ज्ञान का आलोक तूं,
ज्ञान आलोक में छिपा महा प्रकाश तूं,
मेरी इच्छाओं का पूर्ण करने का विश्वास तूं,
मेरी भक्ति तूं मेरी साधना तूं,
मेरे हर कर्म का अहसास तूं ।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू कश्मीर, जम्मू
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