# नमन मंच 🙏🙏🙏
# हिंदी साहित्य संगम संस्थान दिल्ली इकाई
# दिनांक - 03/03/2021
# दिन - बुधवार
# विषय -परीक्षा
# विधा - स्वैच्छिक ( छंदमुक्त कविता)
परीक्षा ही जीवन का दूसरा है नाम
इसके बिना जीवन का क्या काम
जीवन का पल पल परीक्षा लेता है
कोई विरला ही इसको सफल कर लेता है
दुखों की जब आती है जीवन में छाया
जाना पाता है कौन अपना पराया
धन की जब होती हानि
धीरज से काम लेते समझदार प्राणी ।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू कश्मीर, जम्मू
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