फ़ॉलोअर

बुधवार, 3 मार्च 2021

पल की खबर नहीं

 # नमन मंच 🙏🙏🙏

# हिंदी साहित्य संगम संस्थान उत्तर प्रदेश इकाई

# दिनांक - 03/03/2021

# दिन - बुधवार

# विषय -पल की खबर नहीं

# विधा - स्वैच्छिक (गद्य- आलेख) 

मनुष्य के जीवन में पल भर में क्या बदलाव आ जाए, इसका कोई अनुमान नहीं लगा सकता है। मनुष्य को अच्छे कार्य में सलग्न रहना चाहिए । मनुष्य को जीवन के हर पल को अंतिम पल जान कर किसी के भी साथ बुरा व्यवहार नहीं करना चाहिए। 

जब मनुष्य को जीवन के मूल्य का ज्ञान होगा तो वे जीवन का कोई भी क्षण व्यर्थ नहीं गंवाता है । हमेशा समाज कल्याण ही उसके जीवन लक्ष्य बन जाता है दुखी, लाचार और बेबस मनुष्य का सहारा बनता है और उसकी सहायता जी जान से करता है। 

जब राजा परीक्षित भगवान शुकदेव के पास गए तो भगवान शुकदेव से कहने लगे, "भगवान मैं मृत्यु के दवार पर खड़ा हूँ मुझे कोई उपदेश प्रदान करें जिससे मेरी मुक्ति हो सकें। " भगवान शुकदेव जी कहने लगे, " हर एक मनुष्य मृत्यु के द्वार पर खड़ा है लेकिन ज्ञान न होने के कारण भ्रम में पडा़ रहता है। "

मनुष्य को क्षण क्षण का सदुपयोग करना चाहिए एक भी क्षण व्यर्थ नहीं होने देना चाहिए। हर एक पल को जीवन का अंतिम पल जान कर किसी के भी साथ दुर्व्यवहार नहीं करना चाहिए, संसार को सुखी और खुशहाल बनाने के लिए अपना महत्वपूर्ण योगदान देना चाहिए। 

स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जम्मू कश्मीर, जम्मू



कोई टिप्पणी नहीं:

प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है

 शीर्षक: प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है सभी ग्रंथों का सार  सभी एक है परिवार  बना ले इसको जीवन का आ...