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शुक्रवार, 12 मार्च 2021

आशा की किरण

  नमन मंच 🙏🙏🙏

#साहित्य बोध महाराष्ट्र इकाई

# दिनांक - 16/06/2021

# दिन - बुधवार

# विषय - आशा की किरण

# विधा - छंदमुक्त कविता

जीवन की निराशा को हर लेने के लिए, 

मेहनत ने जगाई है आशा की किरण । 

जीवन को सफल बनाने के लिए, 

हमेशा कुछ कमाने के लिए, 

अंधकार में रोशनी देती है आशा की किरण। 

जब निराशा छाती है, 

खून के आंसू रूलाती है, 

बेबसी का पुतला बनाती है, 

अपनों का साथ, उनका हम पर विश्वास, 

बनता है जीवन में आशा की किरण । 


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जम्मू कश्मीर, जम्मू






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