# नमन मंच 🙏🙏🙏
# हिंदी साहित्य संगम संस्थान उत्तराखंड इकाई
# दिनांक - १२/०३/२०२१
# दिन - शुक्रवार
# विषय - भस्म
# विधा - छंदमुक्त ( पद्म)
तन पर भस्म लगाता है
श्रृंगार अपना उस से बनाता
नंदी की करता सवारी
गले में माला नाग की सजाई
स्वभाव का थोड़ा भोला
जल्दी सुनता भक्त की पुकार
हर किसी से करता है प्यार
कैलाश का है वासी
करता है सब जग की रखवाली
करता दुष्टों का संहार
बनता है दीन दुखियों का सहारा
लीलाएं करते है न्यारी
लगती है सब को प्यारी ।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू कश्मीर , जिला - जम्मू
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