#विषय - संघर्ष
#विधा - कविता
जीवन है संघर्षों की कहानी
करनी पड़ती हैं हर वक़्त कुर्बानी
बिघ्न बाधाओं को नदी हटाती
संघर्ष करती आगे बढती जाती है
भूख प्यास को सहना पड़ता
हर आंसू को पीना पड़ता
पर्वतरोही समस्याओं के रोडे़ तोड़ता
तब ही चोटी पर चढ़ पाता है
जीवन संघर्ष संघर्ष है जीवन
जीवन का पल पल यही सिखाता है।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा ,जम्मू कश्मीर
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