# नमन मंच 🙏🙏🙏
दिनांक - २५/0२/२०२१
दिन - शुक्रवार
विधा - भजन
सतगुरु मेरे काज सवारों
अवगुण मेरे तुम विसारो
काम, क्रोध से मोहे बचावो
मेरा बेड़ा पार लगाओ
सतगुरु मेरे काज.........
प्रेम प्रीत का दियो उपहार
तब मै पाया मोक्ष द्वार
सतगुरु मेरे काज........
मै मेरी का हो गया नाश
सब ओर दिखा तेरा प्रकाश
सतगुरु मेरे काज.........
प्रेमरस का दियो प्याला
मिट गए मन के सकल जंजाला
सतगुरु मेरे काज ...........
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू एवं कश्मीर ,जम्मू
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