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शनिवार, 27 फ़रवरी 2021

कोरोना और सामाजिक दूरी

 # नमन मंच 🙏🙏🙏

# कलमकार कुम्भ

# दिनांक - 24/04/2021

# दिन - शनिवार

# विषय - महामारी

# विधा - स्वैच्छिक (कविता) 

कोरोना की जिस पर पड़ती मार

वो जाता स्वर्ग सिधार

भय का ऐसा बन गया माहौल

दूर भागते एक दूसरे लोग

मुंह पर सबने लगा लिया मास्क

रूक गई जिंदगी जो थी फास्ट

अपने पराया का हो गया ज्ञान

कोई नहीं जाता अब श्मशान

कोरोना एक  ऐसा महादानव

डर गए जिससे मानव

आनलाईन होती है अब बात

कोई नहीं जाता अब बारात

संगी साथियों काअब होता नहीं मेल

मिलकर कोई नहीं खेलता खेल

कोरोना की ऐसी मजबूरी

दूर खड़े होना है जरूरी। 


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह 

जम्मू कश्मीर ,जम्मू





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