# विषय - भक्त रविदास
जात पात का भ्रम नहीं कोई
चार वर्ण एक होई
आत्म ज्ञान का किया प्रचार
बाकी सब मिथ्याचार
मन चंगा का दिया नारा
लगता सबको बहुत प्यारा
नाम तीर्थ का सबको कराया स्नान
उत्तर गया मन का गुमान
ईश्वर संग ऐसी लिव जोड़ी
कभी न जाए तोडी़
मीराबाई पर हुए दयाल
छूट गए उसके मन के जंजाल
दीन दुखियों का बने सहारा
एक ईश्वर का दिया नारा ।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू कश्मीर ,जम्मू
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