# नमन मंच 🙏🙏🙏
# समतावादी कलमकार साहित्य शोध संस्थान, भारत
# दिनांक - 20-21/05/2021
# दिन - गुरुवार से शुक्रवार
# विषय - मृत्यु अंतिम सत्य है
# विधा - स्वैच्छिक
#शीर्षक - मृत्यु ने तो आना है
मृत्यु ने तो आना है,
समझ ले एक दिन जाना है,
धन दौलत का वहाँ काम नहीं,
सुख दुःख का वहाँ नाम नहीं,
जो बीजेगा सो पायेगा,
हरि के नाम बिना पछतायेगा,
जीवन में सही कर्म कमायेगा,
तभी तभी खुशी मर पायेगा,
धन दौलत से जिसने प्यार किया,
जीना मरना व्यर्थ बेकार किया,
ह-रि का मार्ग जिसने जान लिया,
जन्म मरण का चक्र पहचान लिया,
जीवन का यही खेल है,
मृत्यु से होता सबका मेल है ।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू कश्मीर, जम्मू
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