मन अब रहता सदा उदास ,
खो गया कही दुनियाभर का झूठा उल्लास ।
जब हुआ अपने अवगुणों का अहसास,
जाग गया मन में सतगुर पर विश्वास ।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू-कश्मीर
शीर्षक: प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है सभी ग्रंथों का सार सभी एक है परिवार बना ले इसको जीवन का आ...
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