शीर्षक - जिंदगी को जीता नहीं काटता हूँ
जिंदगी को जीता नहीं काटता हूँ
नयन बंद किए भी जागता हूँ
हर रिश्ते से अपने को बाँधता हूँ
तब भी सारे गम अकेला ही सहारता हूँ
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला सांबा ,जम्मू-कश्मीर
शीर्षक: प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है सभी ग्रंथों का सार सभी एक है परिवार बना ले इसको जीवन का आ...
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें