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रविवार, 1 जून 2025

जिंदगी को जीता नहीं काटता हूँ

 शीर्षक  -  जिंदगी को जीता नहीं काटता हूँ

जिंदगी को जीता नहीं काटता हूँ

नयन बंद किए भी जागता हूँ 

हर रिश्ते से अपने को बाँधता हूँ 

तब भी सारे गम अकेला ही सहारता हूँ 



स्वरचित एवं मौलिक 

अमरजीत सिंह 

जिला सांबा ,जम्मू-कश्मीर 




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