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सोमवार, 19 मई 2025

मोबाइल फोन

शीर्षक  - मोबाइल फोन 

मोबाइल फोन में उलझा संसार 

भूला बैठा रिश्ते दुनियादारी का व्यवहार 

मोबाइल फोन में घुसाए रहता सिर 

भविष्य  की नहीं इसको अब फिक्र ।

स्नैपचाॅट , व्हाट्सऐप , टेलीग्राम में व्यस्त 

चाहे आगे पीछे चलत रहे अस्त्र-शस्त्र 

फेसबुक फाॅलोवर बढाने की चिंता 

पूरा दिन मोबाइल फोन चलाने में निकलता ।

मोबाइल फोन के चक्कर  में,  

सब बन गए उल्लू 

अब नहीं भाता सबको , 

जाना  मनाली कुल्लू ।

मोबाइल ने बनाया सबको अंधा 

अपनी पहचान भूल गया इंसानी बंदा 

विचारों का भी हो गया गंदा 

मोबाइल फोन है मैला धंधा।


स्वरचित एवं मौलिक 

अमरजीत सिंह 

जिला सांबा ,जम्मू-कश्मीर 





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