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गुरुवार, 17 अप्रैल 2025

नाम जपत सुख पात अनंत

 नाम जपत सुख पात अनंत, मन तन प्यास सगल मिटंत ।

सब दुख कलेश गलंत , गुण गोविंद नित जपंत ।

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